नई दिल्ली। चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी.जोशी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय वन, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव श्री भुपेन्द्र यादव से भेंट की तथा केन्द्र सरकार में कैबिनेट मंत्री का दायित्व मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाऐं दी तथा संसदीय क्षेत्र चित्तौड़गढ़ से जुड़े वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन तथा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से जुड़े विषयों पर चर्चा की। सांसद जोशी ने वन, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री से भेंट के दौरान चित्तौड़गढ़ दूर्ग स्थित मृगवन को बायॉलोजिकल पार्क के रूप में विकसीत किये जाने को लेकर बताया की यहॉ पर आने वाले देषी व विदेषी पर्यटकों को आकर्षित करने तथा यहां पर पाये जाने वाले हिरण प्रजाति के वन्यजीवों को संरक्षण प्रदान करने हेतु आरक्षित वनखण्ड दुर्ग-चित्तौड़गढ़ पर वर्ष 1971 में इसे आरम्भ किया गया था। मृगवन क्षेत्र के पूर्व, पष्चिम व दक्षिण दिषा में लगभग 1300 वर्ष पुराना दुर्ग चित्तौड़गढ़ का परकोटा एवं उत्तरी दिष में विभाग द्वारा दीवार निर्माण कर जाली लगवाई जाकर तत्समय से ही मृगवन (रीलोकषन सेंटर) का संचालन किया जा रहा था लेकिन मृगवन दुर्ग चित्तौड़गढ़ का केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली में पंजीयन नहीं होने से इसे पर्यटकों के लिये बन्द कर दिया गया। चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक महत्व के कारण कई देषी विदेषी पर्यटक यहां पर घूमने आते है। चित्तौड़गढ़ के आस-पास घने जंगल व विभिन्न प्रजाति के वन्यजीव पाये जाते है। उनको संरक्षण प्रदान करने व यहां पर आने वाले देषी-विदेषी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये पुर्व की भांति मृगवन दुर्ग चित्तौड़गढ़ को बायोलोजिकल पार्क अथवा ’’स्मृति वन’’ के रूप में यदि विकसित किया जाता है, तो यहां आने वाले पर्यटकों को यहाँ स्थित वन एवं वन्यजीवों से रूबरू कराया जाकर पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने में मददगार साबित होगा।
इसके साथ ही संसदीय क्षेत्र चित्तौड़गढ़ में स्थित वन्यजीव अभ्यारण्यों की जानकारी देते हुये बताया की जिला प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ एवं उदयपुर में विश्वप्रसिद्ध जैवविविधता से भरपूर ’’सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य’’ हैं। यह मालवा का पठार, विंध्याचल एवं अरावली का संगम है। यहॉ उड़न गिलहरी के साथ साथ अनेकों प्रकार के वन्य जीवों की आश्रय स्थली हैं, इसमें जाखम बांध स्थित जिससे पानी की भरपूर उपलब्धता रहती हैं एवं सागवान के पेडों के कारण यहॉ पर सदाबहार वन जैसा एहसास होता है। यहॉ पर दुर्लभ औषधिय पादप, वनस्पति एवं जड़ीबुटीयां एवं गर्म व ठण्डे पानी के झरने है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यहॉ पर वाल्मिकी आश्रम एवं सीता के धरती में समा जाने, तथा लव कुश के बाल्यकाल के साक्ष्यों की मौजुदगी व प्राकृतिक सौन्दर्य एवं वन्यजीवों को देखने देश भर से प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक, पर्यावरण एवं वन्यजीव प्रेमी एवं श्रद्धालु आते है। यहॉ पर ईको ट्युरिज्म की भी भरपुर संभावना है। राजस्थान जैसे राज्य में पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता से भरपूर सीतामाता वन्य जीव अभ्यारण्य के लिये विशेष आर्थिक पैकेज को जारी करवाने की आवश्यकता बतायी जिससे इस अभ्यारण्य का विकास हो सके एवं पर्यटकों व वन्यजीवों को आवश्यक सुविधाओं का उपलब्ध करवाया जा सके एवं इनसे स्थानिय लागों को भी रोजगार प्राप्त हो सकेगा। इसके साथ ही चित्तौड़गढ़ जिले में चित्तौड़गढ़ तहसील में बस्सी वन्य जीव अभ्यारण्य एवं रावतभाटा तहसील में भैंसरोडगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्यों में भ्रमण करने के एवं यहॉ के मनोहरी प्राकृतिक सौन्दर्य को देखने के लिये स्थानिय एवं देश विदेश से पर्यटक आते हैं, यहॉ के स्थानिय लोगों का जीवनयापन भी इन्ही अभ्यारण्यों पर निर्भर रहता है, इसलिये इनके विकास के लिये विशेष वित्तिय सहायता जारी करवाने की आवश्यकता को बताया।सांसद जोशी ने केन्द्रीय मंत्री भुपेन्द्र यादव को चित्तौड़गढ़ संसदीय क्षेत्र एवं प्रसिद्ध कृष्णधाम श्रीसांवलियाजी पधारनें का निमंत्रण दिया। इसके साथ ही सांसद जोशी ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम व कर्मचारी भविष्य निधि के तहत संसदीय क्षेत्र चित्तौड़गढ़ में कार्यरत श्रमिकां एवं कर्मचारीयों के लिये केन्द्र सरकार के द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं कॉरोना काल के दौरान प्रदान कि जा रही सुविधाओं तथा चन्देरिया में बनने वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ई.एस.आई.सी.) के हॉस्पीटल के बारे में चर्चा की।