चूरू के उम्मेद गोठवाल को मिलेगा सूर्यमल्ल मीसण शिखर पुरस्कार

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राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी का है यह सर्वोच्च सम्मान

चूरू। राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के अध्यक्ष शिवराज छंगाणी ने गुरुवार को अकादमी सभागार में आयोजित अकादमी कार्यसमिति व सामान्य सभा की बैठकों में वर्ष 2019, 2020, 2021 के तहत अकादमी के विभिन्न पुरस्कार घोषित किए।
अकादमी सचिव शरद केवलिया ने बताया कि वर्ष 2021-22 के तहत अकादमी के विभिन्न पुरस्कारों के अंतर्गत सूर्यमल्ल मीसण शिखर पुरस्कार (गद्य) चूरू के उम्मेद गोठवाल को उनकी आत्मकथा ‘च मानी चमार’ पर प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के तहत अकादमी की ओर से 75,000 रुपये की राशि, शॉल, श्रीफल, प्रतीक चिह्न प्रदान किया जाएगा। चूरू जिले की राजगढ़ तहसील के पहाड़सर गांव में जन्मे उम्मेद गोठवाल राजकीय लोहिया महाविद्यालय चूरू में हिंदी के एसोसिएट प्रोफेसर हैं एवं अपनी काव्य कृति ‘पेपलौ चमार” एवं आत्मकथा “च मानी चमार” के माध्यम से काफी चर्चित एवं पर प्रशंसित रहे हैं। आपकी अन्य कृतियों में “बूद तुम ठहरी रहो” व “ठहरी हुई तारीखें : एक गुमशुदा शख्स की डायरी” भी चर्चित रही हैं। आपने प्रयास संस्थान चूरू की पत्रिका “अनुक्षण” का संपादन भी किया। गोठवाल जमीनी यथार्थ के वह लेखक हैं जो दलित, दमित, वंचित की बात करते हुए साहित्य की मुख्य धारा में अपनी आवाज बुलंद करते रहे हैं। चूरू अंचल में किशोर कल्पनाकांत के बाद लंबे समय से अकादमी का यह शिखर पुरस्कार गोठवाल के नाम हुआ है।

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