चूरू। दो जून से अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में कलक्ट्रेट के समक्ष धरना दे रहे किसानों ने शुक्रवार को कलक्टर कार्यालय के गेट बंद कर विरोध प्रदर्शन किया।
मांगे नहीं माने जाने पर आर-पार की लड़ाई लड़ रहे किसानों ने क्रॉप कटिंग के आधार पर बीमा क्लेम सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसान ने कलक्ट्रेट के आगे बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए। किसानों ने कलक्ट्रेट के सभी 5 दरवाजे बंद कर दिए वहीं शाम होते-होते सभी किसान कलेक्ट्रेट में घुस गए। इस दौरान आक्रोशित कुछ किसान कलक्ट्रेट की पहली मंजिल पर घुस गए और वहां जमकर नारेबाजी करते रहे इस दौरान भारी पुलिस जाता तैनात रहा। बीमा की मांग को लेकर किसानों की अब तक कई दौर की वार्ता भी प्रशासन के साथ हो चुके लेकिन अभी तक किसानों की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश महामंत्री छगनलाल चौधरी ने बताया कि किसान 27 सितंबर को तकनीकी सलाहकार समिति की बैठक होने के बाद फैसले की कॉपी नहीं मिलने से किसान आक्रोशित हैं। आज किसानों ने कलक्ट्रेट के सभी गेट बंद कर काम ठप किया हैं। किसानों ने बताया कि फैसले की कॉपी मिलने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा। बीमा क्लेम की मांग को लेकर कलक्ट्रेट के आगे चार माह से किसान आंदोलन कर रहे हैं। किसान अब तक चार बार कलक्ट्रेट को जाम कर चुके हैं। एक बार कलेक्ट्री में काम ठप भी करवा चुके हैं।
प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार सुबह से किसान जुटने हो शुरू गए। पहले से निर्धारित कार्यक्रम के सुबह से ही जिलेभर से बड़ी संख्या में किसान चूरू कलक्ट्रेट के सामने एकत्रित हो गए। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस का भारी जाप्ता तैनात है। जिले के आला अधिकारियों सहित आरएसी का जाप्ता भी लगाया गया है।
किसान सभा के राज्य सदस्य एडवोकेट निर्मल प्रजापति ने बताया कि जिले भर के किसान अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। जब किसान महापड़ाव शुरू हुआ था, तब अफसरों ने दस दिन का समय मांगा था और विश्वास दिलाया था कि सभी व्यवस्थाएं ठीक कर देगें। मगर आज चार महीने से भी ज्यादा समय बीत गया है स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने बताया कि किसानों का मुख्य मुद्दा खरीफ 2021 की फसल बीमा क्लेम क्रॉप कटिंग की रिपोर्ट को खारिज करके सेटेलाइट के आधार पर दिया जो अव्यवहारिक है। जिले के 72 हजार किसानों का बैंकों की लापरवाही से प्रीमियम पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ। उस पर कोई अंतिम निर्णय अभी तक नहीं हुआ है। इसके अलावा 12 हजार किसानों का फसल बीमा पॉलिसी बीमा कंपनियों ने बिना वजह रिजेक्ट कर दिया। उन पॉलिसी को स्वीकार करवाना यह तीन मुख्य मुद्दे हैं। जिन पर यदि तीन बजे तक सहमति नहीं बनती है तो कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।
दिनभर प्रदर्शन, शाम को गुस्से कलेक्ट्री में
धरने पर बैठे किसान शाम करीब l छह बजे जिला कलक्ट्रेट में घुस गए घुस गए । इस दौरान कुछ किसान कलक्ट्रेट के पहली मंजिल पर जाकर चढ़ गए और वहीं से जमकर नारेबाजी करते रहे। वहीं कुछ किसान कलक्ट्रेट के आगे धरने पर बैठ गए। पुलिस अधिकारियों ने किसानों से समझाइश की लेकिन किसानों ने सड़क पर बैठ कर प्रदर्शन किया। पुलिस भी बेबस नजर आ रही है।