शिविर से महिलाओ को बनाया जा रहा है आत्मनिर्भर
सरदारशहर। छोटे-छोटे बच्चों के साथ होने वाली घटनाओं से बचने के लिए अब प्रदेश सरकार रानी लक्ष्मीबाई आत्मा प्रशिक्षण शिविर चला रही है। इन प्रशिक्षण शिविरों में प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा महिला शिक्षिकाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। यही महिला अध्यापिकाएं आगे जाकर विद्यालयों में छात्राओं को प्रशिक्षण देगी। शहर के श्री बालिका स्कूल में चल रहे 7 दिवसीय रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर चल रहा है।
शिविर में बालिकाओं को प्रशिक्षण के माध्यम से शारीरिक व मानसिक रूप से आत्म निर्भर बनाने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण चल रहे है। ताकि बालिकाएं किसी भी विषम परिस्थतियों में बिना विचलित हुए उसका सामना कर सके। अटैक इज द बेस्ट फोर्म ऑफ सेल्फ डिफेंस के मूल मंत्र को ध्यान में रखते हुए आत्म रक्षा प्रशिक्षण की कार्य योजना तैयार की गई है। शिविर प्रभारी विकास पारीक ने बताया कि विभिन्न विकट परिस्थितियों में आप कैसे सामने वाले को नाजुक अंगों पर वार कर बच सकते हैं। जिसमें आई अटैक, नेक अटैक, नोज अटैक, बाटम हाइट स्ट्राइक, शिन स्क्रैप स्टांप, ग्रोइंग किक, हेड लॉक, डियर बियर हग, चोक होल्ड, सिंगल हैंड ग्रिप डिफेंस, डबल हैंड ग्रिप डिफेंस, के बारे में प्रशिक्षण कक्ष में प्रैक्टिकल कराते हुए इसकी बारीकियों के बारे में जानकारी दी जा रही हैं। शिविर में प्रशिक्षण ले रही शिक्षिका पार्वती कस्वां, गुरप्रीत कौर, ओर निलाक्षी वर्मा ने बताया कि आज के बदलते परिवेश में अराजक तत्वों को सबक सिखाने में यह कलाएं सहायक साबित होंगी। आत्म रक्षा प्रशिक्षण शिविर में सीबीईओ अशोक पारीक और एसीबीईओ बाबूलाल शर्मा ने प्रशिक्षण में सम्भागियों को शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए विधालय में विभिन्न नवाचार अपनाने का आह्वान किया। इसके पश्चात द्वितीय सत्र में संजू वर्मा और मनोहरी चाहर ने काता के द्वारा आत्मरक्षा के तरीकों का अभ्यास करवाया गया। शिविर व्यवस्थाओं में देवीदत पारीक, स्मेस्ता स्वामी, प्रेम मेहरा, नम्रता,भारती सैनी का सहयोग रहा है। शिविर के पूरे दिन के सत्र का संचालन विकास पारीक ने किया।