राजस्थान पुलिस एकेडमी एवं स्कूल शिक्षा परिषद के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर
चूरू । राजस्थान पुलिस एकेडमी एवं स्कूल शिक्षा परिषद के संयुक्त तत्वावधान में जिला मुख्यालय स्थित ज्ञान ज्योति महाविद्यालय में चल रहा सात दिवसीय महारानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर मंगलवार को संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों की चयनित 154 महिला शिक्षकोंए महिला शारीरिक शिक्षकों ने भाग लिया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एसडीएम अनिल कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में अभिभावकों की महत्त्वाकांक्षाओं के बीच बच्चे अनेक समस्याओं से जूझ रहे हैंए जिनका बोझ अंततः अभिभावकों पर ही आता है। ऎसे में बच्चों के साथ समुचित संवाद हर स्तर पर कायम रहना चाहिए। अच्छे.बुरे की समझ बच्चों में रहती हैए लेकिन किसी भय या झिझक के कारण वे उसे अभिव्यक्त नहीं कर पाते हैंए जिसके चलते बाद में समस्याएं गंभीर रूप ले लेती हैं। इसलिए हमें स्कूल एवं परिवार में बच्चोंए खासकर बालिकाओं से संवाद की व्यवस्था कायम करनी चाहिएए जिसमें वे अपने अच्छे.बुरे अनुभवों को साझा कर सकें। इस मौके पर उन्होंने कहा कि तकनीक जरूरी है लेकिन फिर भी बच्चों को मोबाइल और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचाने के प्रयास करें। उपखंड अधिकारी ने इस दौरान मतदान जागरुकता के लिए भी महिला शिक्षकों को संबोधित किया और कहा कि सभी पात्र वयस्कों के मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए प्रयास करें।
विशिष्ट अतिथि सहायक निदेशक कुमार अजय ने कहा कि आत्मरक्षा का मसला केवल शरीर नहींए अपितु मन की मजबूती से भी उतना ही जुड़ा हुआ है। पूरी दुनिया में महिलाएं शोषण की शिकार हैं और दुःख की बात है कि पढ़ाई.लिखाई एवं आत्मनिर्भरता के बावजूद यह कम होने की बजाय बढ़ता ही दिखाई देता हैए उल्टे किसान.मजदूर और गरीब तबके में समानता की स्थिति बेहतर है। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाएंए महिला होने का लाभ उठाने और सहानुभूति लेने की कोशिश में रहेंगीए तक तक पुरुष भी उनका लाभ उठाने से क्यों चूकेंगे। महिलाओं को किसी भी प्रकार की हीनभावना से बाहर निकलना होगा और निर्णयों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं का शोषण घर से शुरू होता है और उसका प्रतिकार भी घर से ही शुरू होगाए तभी सशक्तीकरण और बराबरी की परिकल्पना संभव है।
सीबीईओ ओमदत्त सहारण ने अध्यक्षता करते हुए प्रशिक्षण के बारे में बताया और कहा प्रशिक्षित शिक्षिकाएं अपने.अपने विद्यालयों में बेहतरीन ढंग से प्रशिक्षण संपन्न करवाएं तथा बालिकाओं को समय की चुनौतियों से लड़ने के लिए तैयार करें।
प्रशिक्षण प्रभारी एसीबीईओ खालिद तुगलक ने प्रशिक्षण की उपलब्धियों की जानकारी दी और कहा कि प्रशिक्षण में सभी संभागियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। प्रशिक्षण न केवल महिला शिक्षकों को तकनीकी तौर पर मजबूत बनाएगाए अपितु उन्हें मानसिक तौर भी मजबूत बनाएगा।
समसा के कार्यक्रम अधिकारी आरपी मोहम्मद आरिफ खान ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस दौरान आरपी श्याम सुंदर पूनिया, देवेंद्र राहड़, सुरेखा मीणाए संतोष कस्वां, नीलकमलए सुमित्राए कमलेश, मंजु पूनिया, निर्मला शर्मा, सुमन कालेर सहित प्रशिक्षण से जुड़े प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षणार्थी मौजूद थे।