चूरू। राज्य सरकार के निर्देशानुसार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन के अंतर्गत क्षमतावर्धन गतितिधि के क्रम में साप्ताहिक प्रशिक्षण शिविर सोमवार को शुरू हुआ।
शिविर में संभागियों को संबोधित करते हुए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक कुमार अजय ने कहा कि हम सब इस बात के साक्षी हैं कि नशे की आदतों के कारण दुनिया में बहुत से प्रतिभावान लोग ने अपनी साख और अपने अवसरों को खोते रहे हैं। हमें खासतौर पर इस बात पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है कि कैसे हम नई पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से रोक सकते हैं।
राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम की प्रभारी डॉ लाड कंवर ने नशे के कारणों और दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए इसकी रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर कोशिश करके ही हम लोगों को नशे की गिरफ्त में आने से रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें प्रत्येक स्तर पर लोगों को यह समझाना होगा कि कैसे नशे के कारण वे अपने जीवन के औचित्य को खत्म कर लेते हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक मो. अशफाक खान ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी और मास्टर ट्रेनर्स से कहा कि वे यह कोशिश करें कि प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिक से अधिक परिणाम देने वाला हो। उन्होंने बताया कि साप्ताहिक प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स का 8 व्यक्तियों का कैडर तैयार होगा, जिन्हें बाद में ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जायेगी एवं इसके प्रति जागरुकता फैलाने हेतु प्रशिक्षित किया जाएगा।
जिला पर्यावरण सुधार समिति के राजेश अग्रवाल ने स्वागत किया और प्रशिक्षण के बारे में बताया। इस दौरान बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा, धर्मवीर जाखड़,श्रीमती मुकेश कुमारी, असगर खान,कपिल भाटी सहित संबंधित अधिकारी, कर्मचारी, सदसयगण मौजूद थे।